Tuesday, 26 December 2023

6 साल में पैसा डबल! कंपाउंडिंग से बनें करोड़पति, अपनाएं इसका 8-4-3 फार्मूला



8-4-3 Compound Formula: आपके जमा राशि के ऊपर मिलने वाले ब्याज का असर तुरंत नहीं बल्कि कुछ सालों बाद दिखता है. थोड़े से अनुशासन और कंपाउंडिंग की शक्ति के साथ, आप लॉन्ग टर्म में अपनी बचत को आसानी से दोगुना या तिगुना कर सकते हैं. हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कितना निवेश करते हैं और आपको अपने निवेश पर कितना रिटर्न मिलता है.

6 साल में पैसा डबल! कंपाउंडिंग से बनें करोड़पति, अपनाएं इसका 8-4-3 फार्मूला
निवेश एक ऐसा जादू है जिसका असर तुरंत नहीं, बल्कि कुछ साल बाद दिखता है. हालांकि इसके लिए आपके अंदर धैर्य होना सबसे ज्यादा जरूरी है. वहीं, जब बात कंपाउंडिंग की आए तो क्या ही कहना! थोड़े से अनुशासन और कंपाउंडिंग की शक्ति के साथ, आप लॉन्ग टर्म में अपनी बचत को आसानी से दोगुना या तिगुना कर सकते हैं. आइये इसको समझते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि 1 करोड़ रुपये जमा करने में कितना समय लगता है? यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कितना निवेश करते हैं और आपको अपने निवेश पर कितना रिटर्न मिलता है. लेकिन यह उतना मुश्किल नहीं है जितना आप सोचते हैं.

कैसे कंपाउंडिंग आपको अमीर बनने में मदद कर सकती है?

सिंपल इंटरेस्ट का कैलकुलेशन मूल राशि या आपके द्वारा निवेश किए गए पैसे पर किया जाता है. वहीं, कंपाउंड इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन मूल राशि और उस पर आपके द्वारा अर्जित ब्याज पर की जाती है. कंपाउंडिंग वह प्रक्रिया है जहां आप पहले से जमा ब्याज पर ब्याज कमाते हैं.

कंपाउंडिंग का 8-4-3 नियम

आप अपना पैसा बढ़ाने के लिए कंपाउंडिंग के 8-4-3 नियम का पालन कर सकते हैं. आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं. अगर आप किसी ऐसे इंस्ट्रूमेंट में हर महीने 21,250 रुपये की एकमुश्त राशि निवेश करते हैं, जिस पर प्रति वर्ष 12% ब्याज मिलता है. और ब्याज के ऊपर सालाना चक्रवृद्धि ब्याज भी मिलता है, तो आपको आठ वर्षों में अपना पहला 33.37 लाख रुपये मिलेगा.

हालांकि, अब यहीं पर कंपाउंडिंग का जादू काम आता है. अब अगले 33 लाख रुपये के लिए इसमें केवल आधा समय यानी चार साल लगेंगे. वहीं, तीसरा 33.33 लाख रुपये बचाने में आपको सिर्फ तीन साल लगेंगे. तो आप 15 साल में 1 करोड़ रुपये बचा सकते हैं. वहीं, 21वें वर्ष के अंत में, आप 2.22 करोड़ रुपये बचाएंगे- आपके 1 करोड़ रुपये से 2 करोड़ रुपये तक दोगुना होने में केवल छह साल लगते हैं.

जब आप 22वें साल में पहुंचेंगे, तो कंपाउंडिंग की बदौलत 33 लाख रुपये जमा होने में सिर्फ एक साल लगेगा. ध्यान रखें कि यहां हम एनुअल कंपाउंडिंग का जिक्र कर रहे हैं, यानी ब्याज की गणना साल में एक बार की जाती है.

इक्विटी एसआईपी देता है अच्छा रिटर्न

सेंसेक्स इक्विटी बाजार रिटर्न का एक शानदार इंडिकेटर है. पिछले पांच वर्षों में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) Small Cap Funds के माध्यम से किए गए किसी भी निवेश ने 23.31% का रिटर्न (एक्सआईआरआर) दिया होगा. लॉन्ग टर्म में भी एसआईपी के लिए ये कहानी नहीं बदलती है. 10 साल, 15 साल के एसआईपी के जरिये उत्पन्न रिटर्न क्रमशः 17.51% और 17.89% है.

कंपाउंडिंग का समय बदल सकता है

आपको अपने निवेश पर जितना अधिक रिटर्न मिलेगा, वह उतनी ही तेजी से बढ़ेगा. हालाँकि, यदि रिटर्न कम है, तो कंपाउंडिंग का समय लंबा होगा. उदाहरण के लिए, अगके आप एक निश्चित आय साधन (फिक्सड इनकम इंस्ट्रूमेंट) या डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं तो आपका रिटर्न कम हो सकता है. हालांकि फिर भी आपको सालाना 7% ब्याज का (चक्रवृद्धि) आसानी से मिल जाएगा.
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